Halloween party ideas 2015

फोटो गंगानगर के लिखमीसर गांव की है। कोरोना के चलते पिछले लगभगतीन माह से लॉकडाउन के चलते आम-आदमी घरों में कैद होकर रह गए थे। ऐसे में रोजी-रोटी का जुगाड़ करने के लिए जगह-जगह घूम-घूम कर जीवन-यापन करने वालों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ गांव लखासर के नजदीक पीलीबंगा की तरफ जाते खानाबदोश लोग बैलगाड़ियों से पूरे परिवार के साथ गंतव्य की ओर निकल पड़े।

बाबा बालक नाथ मंदिर में भक्त अब चढ़ा सकेंगे जल

फोटो चंडीगढ़ के सेक्टर-29 स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर की है।मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए एक ऐसा स्टैंड स्टील का बनाया गया है जिस में पानी डालते ही वह पानी पाइप से होता हुआ शिवालय पर पहुंच जाएगा। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी होगा और लोग शिवालय को हाथ भी नहीं लगा सकेंगे।

तिरुपति बालाजी मंदिर 83 दिन बाद भक्तों के लिए खुला

फोटो आंध्रप्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर की है। गुरुवार को 83 दिन बाद लिए खोल दिया गया। पहले दिन 6 हजार श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए हर घंटे सिर्फ 500 लोगों को प्रवेश मिला। 10 साल से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। कोरोनावायरस से बचने के लिए मंदिर का ज्यादातर स्टाफ पीपीई किट में नजर आया। श्रद्धालुओं का मुंडन करने वाले मंदिर के कर्मचारी भी पीपीई किट में थे।

कोरोना से ज्यादा खाली पेट का डर

फोटो चंडीगढ़ की है। कोरोना काल में सख्त हिदायत है कि 10 साल से छोटे बच्चों को बाहर न निकलने दें। लेकिन इंडस्ट्रियल फेज-1 की कॉलोनी नंबर-4 के इन बच्चों को बाहर निकलना ही पड़ रहा है। क्योंकि पेट खाली है, घर में अन्न का दाना नहीं है। मजबूरी में लंगर की लाइन में चिलचिलाती धूप में खड़ा होना पड़ता है। वीरवार को 20 कदम की दूरी में 43 जन खड़े थे, जिनमें 37 ऐसे बच्चे थे, जिनकी उम्र 10 साल से कम थी। इन्हें कोरोना से ज्यादा खाली पेट का डर सता रहा है।

आज के हालातों का परिदृश्य

पेंटिंग हिंडौनसिटी के खिजूरी गांव के एक युवक द्वारा बनाई गई है। गांव के महाराजा सूरजमल ड्राइंग एंड पेंटिंग विश्व विद्यालय के छात्र पवन बंशीवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर नेशनल स्तर पर 5 जून को आयोजित ऑनलाइन ड्राइंग प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमें पवन ने कोरोना वायरस पर एक पेंटिंग बनाकर ऑनलाइन भेजी। जिसका पांच टॉप पेटिंगों में चयन हुआ और उसे नेशनल अवार्ड से नवाजा गया।

रिपोर्ट निगेटिव फिर भी परिजन को मौत की सूचना तक नहीं दी

फोटो रतलाम के मुक्तिधाम की है। रतलाम मेडिकल कॉलेज में जावरा की शांतिबाई की बुधवार शाम मौत हो गई। प्रशासन ने परिजनों करे सूचना तक नहीं दी। उनकी रिपोर्ट दो बार निगेटिव आ चुकी थी। फिर भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नगर निगम ने रतलाम में अंतिम संस्कार किया। दूसरों से परिजनों को पता चला तो वे सुबह 8 बजे मुक्तिधाम पहुंचे। जहां 5 घंटे बाद शव लाया गया। बेटे राकेश का आरोप है कि शव वाहन के साथ आए लोगों ने चिता में ही पीपीई किट और ग्लव्जडाल दिए।

मांस खाने आ रहे कौओं को भगाती रही मां

फोटो मध्यप्रदेश के बिजासन घाट की है।अज्ञात वाहन ने कुत्ते के बच्चे को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद मां शव के पास घंटों बैठकर अपने मरे हुए बच्चे के शव को दुलारती रही। मांस खाने आ रहे कौओं को बार-बार भगाती नजर आई। 2 घंटे तक हाइवे पर ये सिलसिला चला। आखिर में हाइवे पर टोल संचालित करने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने शव को सड़क से हटाया।

250 खेतों में दो लाख से ज्यादा केले के पौधेजमीन पर बिछे

फोटो मध्यप्रदेश के बुरहानपुर की है। यहां बुधवार रात बूंदाबादी के साथ आंधी चली। ऐसा बवंडर उठा कि 250 से ज्यादा खेतों में दो लाख से ज्यादा केले के पौधे पूरी तरह जमींदोज हो गए।
प्री मानसून: तेज बारिश का अनुमान

फोटो खरगोन के नर्मदा घाट क्षेत्र की है। बुधवार को रिमझिम बारिश के बाद आसपास के क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र में बारिश हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि कल इलाके में बारिश हो सकती है।

प्री-मानसून बारिश से नर्मदा का जलस्तर 127 मी. पहुंचा

फोटो बड़वानी जिले के राजघाट की है, यहां नर्मदा का जलस्तर 127 मी. पर पहुंच गया है। मालवा-निमाड़ में बीते पांच दिन से रुक-रुक कर बारिश होने से नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे राजघाट पुल डूबने की स्थिति में पहुंच गया है। एहतियातन जिला प्रशासन ने पुल से आवागमन बंद करा दिया है। बड़वानी जिले में अब तक 113.8 मिमी बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 22.4 से 408 फीसदी ज्यादा है।

सतलुज दरिया का पानी साफ, पहली बार दिखी इंडस रिवर डॉल्फिन

फोटो फिरोजपुर जिले के हरिके पत्तन की है। लॉकडाउन के बाद हवा और पानी में बदलाव आया है। प्रदूषण कम होने से सतलुज का काला पानी साफ दिखाई देने लगा है। इंडस रिवर डॉल्फिन पहली बार सतलुज दरिया में अठखेलियां करतीदिखाई दी।



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The nomads who came out in search of livelihood, could devote the devotees with social distancing so that the goddess's Jalabhishek is done


Source:- bhaskar.com

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